Home » Blog » Intezar Shayari

Intezar Shayari

  • द्वारा
INTEZAR SHAYARI Latest Collection

दीदार ..फिर इनकार.. फिर इकरार.. फिर प्यार.. फिर इन्तेजार और फिर इन्तेजार ही इंतेजार… यही होता है लगभग हर प्रेम कहानी ऐसे ही शुरू होती है और इसमें जो आपनी आस को टूटने नहीं देता वह अपने प्यार को हासिल कर लेता है. इसलिए शायरी में इन्तेजार वाली शायरी का अपना ही महत्व है.

हर किसी के बस में इन्तेजार करना लिखा है ये आज आएगा या कल ये कोई कह नहीं सकता मगर यह एक प्रकार से टेस्टिंग फेज है और रिश्तो के लिए यह नमक का काम करता है. कुछ रिश्तो में यह इन्तेजार इसलिए भी जरुरी हो जाया करता है क्यों कि बिना इन्तेजार कुछ मिल जाये वो प्यार में नहीं व्यापार में ही संभव है और प्यार कोई धन दौलत में टोला जाने वाला व्यापार तो होता नहीं है जिसे पैसे देकर खरीदा जा सके.

तो जब इन्तेजार कि घडिया आ ही जाए तो तस्सली रखिये आप बिलकुल सही ट्रैक पर है. यह इश्क के इम्तेहान कि पहली सीढ़ी है जिसे ना चाहते हुए भी चढ़ना ही पड़ता है. इसमें वह कहावत लागु होती है जो डूब गया सो पार.. तो वो कलि जब तक फूल बन कर नहीं खिल जाए तब तक आपको इन्तेजार तो करना ही होगा.

अब आपको इन्तेजार कि महिमा पता लग गई हो तो इस पर लिखी कुछ चंद अच्छी शायरियो से आपको दो चार कर देते हैं.

Intezaar Shayari, Dekhe Huye Kisi Ko

फरियाद कर रही है यह तरसी हुई निगाह,
देखे हुए किसी को ज़माना गुजर गया।
Fariyad Kar Rahi Hai Ye Tarsi Huyi Nigaah,
Dekhe Huye Kisi Ko Zamana Gujar Gaya.

Tarsi Huyi Nigaah Ki Fariyaad Wait Shayari

ये कह-कह के हम दिल को समझा रहे हैं,
वो अब चल चुके हैं वो अब आ रहे हैं।
Ye Keh-Keh Ke Hum Dil Ko Samjha Rahe Hain,
Wo Ab Chal Chuke Hai Wo Ab Aa Rahe Hain.

Yoon Hi Saari Raat Intezaar Shayari

वो तारों की तरह रात भर चमकते रहे,
हम चाँद से तन्हा सफ़र करते रहे,
वो तो बीते वक़्त थे उन्हें आना न था,
हम यूँ ही सारी रात करवट बदलते रहे।
Wo Taaro Ki Tarah Raat Bhar Chamkte Rahe,
Hum Chaand Se Tanha Safar Karte Rahe,
Wo To Beete Waqt The Unhein Aana Na Tha,
Hum Yoon Hi Saari Raat Karbat Badalte Rahe.

Na Poochho Aalam Intezar Ka

उल्फ़त के मारों से ना पूछो आलम इंतज़ार का,
पतझड़ सी है ज़िन्दगी और ख्याल है बहार का।
Ulfat Ke Maaron Se Na Poochho Aalam Intezar Ka,
Patjhad Si Hai Zindagi Aur Khayal Hai Bahaar Ka.

Aalam Intezaar Ka Shayari Status

एक लम्हे के लिए मेरी नजरों के सामने आजा,
एक मुद्दत से मैंने खुद को आईने में नहीं देखा।
Ek Lamhe Ke Liye Meri Najron Ke Saamne Aaja,
Ek Muddat Se Maine Khud Ko Ayine Mein Nahi Dekha.

Uske Intezaar Ke Wo Deeye

Bujh Gaye Intezaar Ke Deeye

मुझको अब तुझ से मोहब्बत नहीं रही,
ऐ ज़िन्दगी तेरी भी मुझे ज़रूरत नहीं रही,
बुझ गये अब उसके इंतज़ार के वो दीये,
कहीं आस-पास भी उस की आहट नहीं रही।

Mujhko Ab Tujh Se Mohabbat Nahi Rahi,
Ai Zindagi Teri Bhi Mujhe Jaroorat Nahi Rahi,
Bujh Gaye Ab Uske Intezaar Ke Wo Deeye,
Kahin Aas-Paas Bhi Uski Aahat Nahi Rahi.

Ye Intezaar Na Thhehra Shayari

ये इंतज़ार न ठहरा कोई बला ठहरी,
किसी की जान गई आपकी अदा ठहरी।
Ye Intezaar Na Thhehra Koi Bala Thhehri,
Kisi Ki Jaan Gayi Aapki Adaa Thhehri.

कब आ रहे हो मुलाकात के लिये,
हमने चाँद रोका है एक रात के लिये।
Kab Aa Rahe Ho Mulakat Ke Liye,
Humne Chaand Roka Hai Ek Raat Ke Liye.

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *