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Aankhein aur Naina Shayari

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AANKHEIN AUR NAINA SHAYARI BEST COLLECTION

मन की बातें आँखे ही बयां कर देती है जो की इन्सान के चेहरे में देखे जाने वाली सबसे पहली चीज होती है, कहते हैं की किसी की तारीफ करनी हो तो उसकी आँखों के बारे में दो लाइन कह दो. अगला झट से खुश हो उठेगा. लोगो का मानना है की आँखों में जो बात है वो और किसी में नहीं है. कुछ कहने की जरूरत ही नहीं पड़ती.

प्रेमी युगल अपनी बातें आमने सामने हो तो आँखों ही आँखों में बात कर लेते हैं और उसे दुनिया समझ नहीं पाती. आँखे में ही हां है और आख्नो में ही ना.. आँखे फेर लो तो रूठ जाओगे और आँखे टिका दी तो प्यार आ जायेगा.. मूड बना हो तब भी आँखों से इशारे हॉते  है और आगे हमें पता है आप समझ गए होंगे हम कहना क्या चाहते हैं ..

बोलिवुड को लेलो आँखों पर अनगिनत गाने लिखे हुए हैं वो ऐसे ही नहीं लिखते. तो आइये आप को आँखों पर लिखि कुछ बेहतरीन शायरी से दो चार करवाते हैं.

Aankhon Ne Mohabbat Mein

पैगाम लिया है कभी पैगाम दिया है,
आँखों ने मोहब्बत में बड़ा काम किया है।
Paigaam Liya Hai Kabhi Paigaam Diya Hai,
Aankhon Ne Mohabbat Mein Bada Kaam Kiya Hai.

जाती है इस झील की गहराई कहाँ तक,
आँखों में तेरी डूब के देखेंगे किसी रोज।
Jaati Hai Iss Jheel Ki Gehraayi Kahan Tak,
Aankhon Mein Teri Doob Ke Dekhenge Kisi Roj.

Nashaa Teri Aankhon Mein

महकता हुआ जिस्म तेरा गुलाब जैसा है,
नींद के सफर में तू एक ख्वाब जैसा है,
दो घूँट पी लेने दे आँखों के प्याले से,
नशा तेरी आँखों का शराब जैसा है।
Mahekta Hua Jism Tera Gulaab Jaisa Hai,
Neend Ke Safar Mein Tu Ek Khwaab Jaisa Hai,
Do Ghoont Pee Lene De Aankhon Ke Pyaale Se,
Nashaa Teri Aankhon Mein Sharab Jaisa Hai.

Teri Aankhon Ko Bayaan Karne Mein

तमाम अल्फाज़ नाकाफी लगे मुझको,
एक तेरी आँखों को बयां करने में।
Tamaam Alfaz NaaKaafi Lage Mujhko,
Ek Teri Aankhon Ko Bayaan Karne Mein.

ये कायनात सुराही थी, जाम आँखें थीं,
मुवसलत का पहला निज़ाम आँखें थीं।
Ye Kaynat Surahi Thi, Jaam Ankhein Thi,
Muwasalat Ka Pehla Nizam Ankhein Thi.

Teri Jhilmilati Aankhon Mein

कोई आग जैसे कोहरे में दबी-दबी सी चमके,
तेरी झिलमिलाती आँखों में अजीब सा शमा है।
Koi Aag Jaise Kohre Mein Dabi-Dabi Si Chamke,
Teri Jhilmilati Aankhon Mein Ajeeb Sa Shama Hai.

निगाहे-लुत्फ से इक बार मुझको देख लेते है,
मुझे बेचैन करना जब उन्हें मंजूर होता है।
Nigah-e-Lutf Se Ek Baar Mujhko Dekh Lete Hain,
Mujhe Bechain Karna Jab Unhein Manjoor Hota Hai.

होता है राजे-इश्को-मोहब्बत इन्हीं से फाश,
आँखें जुबाँ नहीं है मगर बेजुबाँ नहीं।
Hota Hai Raz-e-Ishq-o-Mohabbat Inhien Se Fash,
Aankhein Jubaan Nahi Hain Magar Bejubaan Nahi.

Ek Teri Aankehin Hain

साकी को गिला है कि उसकी बिकती नहीं शराब,
और एक तेरी आँखें हैं कि होश में आने नहीं देती।
Saqi Ko Gila Hai Ke Uski Bikti Nahi Sharab,
Aur Ek Teri Aankehin Hain Hosh Mein Aane Nahi Deti.

इतने सवाल थे कि मेरी उम्र से न सिमट सके,
जितने जवाब थे कि तेरी एक निगाह में आ गए।
Itne Sawaal The Ke Meri Umar Se Na Simat Sake,
Jitne Jawaab The Ke Teri Ek Nigah Mein Aa Gaye.

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